Latest Dard Bhari Bewafa Shayari in Hindi for Girlfriend, Boyfriend :
हमारे मुस्कुराने की वजह तुम हो
हमारे मुस्कुराने की वजह तुम हो,
हमारे ज़िन्दगी का मतलब तुम हो,
अगर छोड़ दिया साथ हमारा तो
समझ लेना कि …
हमारी मौत की वजह भी तुम हो.
कभी गम तो कभी तन्हाई मार गयी
कभी गम तो कभी तन्हाई मार गयी
कभी याद आकर उनकी जुदाई मर गयी
बहुत टूट कर जिसको चाहा था मैंने
आखिर में उनकी बेवफाई मार गई …!!!
न पूछो हालत मेरी
न पूछो हालत मेरी रुस्वाई के बाद,
मजिल खो गई है मेरी, जुदाई के बाद,
नजर को घेरती है हर पल घटा यादो की..
गुमनाम हो गया हु गम-इ-तन्हाई के बाद
लगे हे इलज़ाम दिल पे जो
लगे हे इलज़ाम दिल पे जो मुझको रुलाते है,
किसी की बेरुखी और किसी और को सताते हे,
दिल तोड़ के मेरा वो बड़ी आसानी से कह गए अलविदा,
लेकिन हालात मुझे बेवफा ठहराते है.
क्या अजीब सी ज़िद है
क्या अजीब सी ज़िद है..
हम दोनों की..
तेरी तमन्ना मुझसे जुदा होने की,
और मेरी तमन्ना तेरे लिए तबाह होने की..
आग दिल में लगी जब वो खफा हुए
आग दिल में लगी जब वो खफा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुड़ा हुए,
कर के वफ़ा कुछ दे न सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफा हुए !
बेवफा तो वो खुद थी
बेवफा तो वो खुद थी..
पर इलज़ाम किसी और को देती है..
पहले नाम था मेरा उसके होठों पर..
अब वो नाम किसी और का लेती है..
कभी लेती थी वादा मुझसे साथ न छोडने का..
अब यही वादा किसी और से लेती है.
हमारे मुस्कुराने की वजह तुम हो
हमारे मुस्कुराने की वजह तुम हो,
हमारे ज़िन्दगी का मतलब तुम हो,
अगर छोड़ दिया साथ हमारा तो
समझ लेना कि …
हमारी मौत की वजह भी तुम हो.
कभी गम तो कभी तन्हाई मार गयी
कभी गम तो कभी तन्हाई मार गयी
कभी याद आकर उनकी जुदाई मर गयी
बहुत टूट कर जिसको चाहा था मैंने
आखिर में उनकी बेवफाई मार गई …!!!
न पूछो हालत मेरी
न पूछो हालत मेरी रुस्वाई के बाद,
मजिल खो गई है मेरी, जुदाई के बाद,
नजर को घेरती है हर पल घटा यादो की..
गुमनाम हो गया हु गम-इ-तन्हाई के बाद
लगे हे इलज़ाम दिल पे जो
लगे हे इलज़ाम दिल पे जो मुझको रुलाते है,
किसी की बेरुखी और किसी और को सताते हे,
दिल तोड़ के मेरा वो बड़ी आसानी से कह गए अलविदा,
लेकिन हालात मुझे बेवफा ठहराते है.
क्या अजीब सी ज़िद है
क्या अजीब सी ज़िद है..
हम दोनों की..
तेरी तमन्ना मुझसे जुदा होने की,
और मेरी तमन्ना तेरे लिए तबाह होने की..
आग दिल में लगी जब वो खफा हुए
आग दिल में लगी जब वो खफा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुड़ा हुए,
कर के वफ़ा कुछ दे न सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफा हुए !
बेवफा तो वो खुद थी
बेवफा तो वो खुद थी..
पर इलज़ाम किसी और को देती है..
पहले नाम था मेरा उसके होठों पर..
अब वो नाम किसी और का लेती है..
कभी लेती थी वादा मुझसे साथ न छोडने का..
अब यही वादा किसी और से लेती है.
